अयोध्या में अस्वस्थ संत सेवा आश्रम द्वारा… की जा रही है अनोखी सेवा जिनका कोई नहीं इलाज कराता है उनका इलाज यहां होता है

अयोध्या, जहां आस्था हर सांस में बसती है… जहां भजन, कीर्तन और साधना की परंपरा सदियों से चली आ रही है… उसी पवित्र भूमि पर एक ऐसी सेवा चुपचाप चल रही है, जो इंसानियत की सबसे ऊंची मिसाल बन चुकी है।


यह कहानी है उन लोगों की… जिनका इस दुनिया में कोई नहीं… जिनसे लोग दूरी बनाते हैं… जिनके शरीर से आती बदबू के कारण लोग उन्हें देखना भी पसंद नहीं करते… लेकिन अयोध्या में एक आश्रम ऐसा है, जहां इन्हीं उपेक्षित और असहाय लोगों को गले लगाया जा रहा है।
“अस्वस्थ संत सेवा आश्रम” – नाम भले साधारण हो, लेकिन यहां होने वाली सेवा असाधारण है।
मंत्रार्थ मंडपम के पास स्थित इस आश्रम में, परम सिद्ध संत राम हर्षण दास महाराज के शिष्य राजकुमार दास कोठारी ने मानव सेवा का एक ऐसा अभियान शुरू किया है, जो बिना किसी प्रचार और शोर-शराबे के लगातार चल रहा है।
यहां सड़कों, घाटों और गलियों में पड़े बीमार, लाचार और बेसहारा साधुओं व गरीब लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर लाया जाता है…
उनके घाव साफ किए जाते हैं…
उन्हें नहलाया जाता है…
और फिर उनका इलाज कराया जाता है — वो भी महंगे से महंगे उपचार के साथ।
रामनगरी अयोध्या अपनी भौगोलिक और आध्यात्मिक अलौकिकता के लिए तो पहले से ही प्रसिद्ध है और यहां भजन कीर्तन करने वाले लोग भी अपने-अपने तरीके धुनी रमाते रहते हैं लेकिन भगवा चैनल द्वारा एक ऐसी अनूठी सेवा सबके सामने लेकर आ रहा है जो अभी तक किसी चैनल ने ना तो दिखाई है ना तो बताई है जी हां रामनगरी अयोध्या में मंत्रार्थ मंडपम के बगल में अयोध्या के परम सिद्ध संत राम हर्षण दास महाराज के शिष्य ने अयोध्या सहित विभिन्न स्थानों पर जो गरीब साधु हैं जो गरीब लोग हैं उनको पकड़ पकड़ के उनके उनका इलाज कर रहे हैं जिनके शरीर से बदबू आ रही है जिनका कोई देखना भी नहीं पसंद करते हैं ऐसे लोगों को लाकर और महंगा से महंगा इलाज महाराज जी के सानिध्य में हो रहा है बिना किसी शोर के हमारे रिपोर्टर जब यहां पहुंचे तो महाराज जी ने पहले तो सीधे तौर पर मना कर दिया लेकिन जब कहा गया कि महाराज जी अगर यह स्टोरी चलेगी तो लाखों लोग देखेंगे और आपसे संपर्क करेंगे और उनका भी इलाज होगा जिनके आगे पीछे कोई नहीं है तो आईए देखते हैं क्या है कहानी इस स्थान की एक्सक्लूसिव रिर्पोटिंग ओं भगवा चैनल l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!