पिता के आदर्शों पर चला बेटा, ऋग श्रीवास्तव ने 98% के साथ रचा इतिहास

प्रेरणा की मिसाल बनी सफलता

बस्ती जनपद से आज एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि हर विद्यार्थी और अभिभावक के लिए एक प्रेरणा है। आदर्श इंटर कॉलेज सल्टौआ के प्रधानाचार्य संदीप कुमार श्रीवास्तव के सुपुत्र ऋग श्रीवास्तव ने आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में 98% अंक हासिल कर पूरे जनपद में टॉप किया है। यह सफलता केवल नंबरों की कहानी नहीं, बल्कि मेहनत, संस्कार, अनुशासन और परिवार के मजबूत सहयोग का परिणाम है।
ऋग श्रीवास्तव जिन्होंने सेंट बेसिल स्कूल बस्ती से अपनी शिक्षा ग्रहण की, शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। विद्यालय में लगातार प्रथम स्थान प्राप्त करना उनके लिए आम बात रही, लेकिन इस बार उन्होंने अपने परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से एक नया इतिहास रच दिया।
यह सफलता बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात कभी रास्ता नहीं रोक सकते।
उनकी इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान उनके पिता संदीप कुमार श्रीवास्तव का रहा है, जिन्होंने खुद शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2000 में दिलेश्वरी इंटर कॉलेज, रुधौली में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शुरुआत कर उन्होंने सैकड़ों छात्रों का भविष्य संवारा। उनके मार्गदर्शन में पढ़े कई छात्र आज उच्च पदों पर पहुंचकर देश की सेवा कर रहे हैं।
बाद में प्रधानाचार्य के रूप में उन्होंने न केवल शिक्षा, बल्कि अनुशासन और संस्कारों की नींव मजबूत की। यही कारण है कि जब उनका स्थानांतरण सल्टौआ हुआ, तो छात्रों की आंखें नम हो गईं—एक शिक्षक के प्रति यह सम्मान बहुत कुछ कह जाता है।
और आज उसी शिक्षक का बेटा, उन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर, सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इस उपलब्धि के साथ यह संदेश भी जाता है कि— बच्चों की सफलता में परिवार का माहौल, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।

अगर आप भी अपने सपनों को सच करना चाहते हैं, तो मोबाइल और समय की बर्बादी से दूर रहकर लक्ष्य पर फोकस करें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लेकिन मेहनत का हर कदम आपको मंजिल के करीब जरूर ले जाता है।
“मेहनत की आग में खुद को तपाना पड़ता है,
सपनों को हकीकत में बदलना पड़ता है,
सफलता यूं ही नहीं मिलती किसी को,
हर दिन खुद से ही लड़ना पड़ता है।”

“ऊंचाइयों पर वही पहुंचते हैं जिनके इरादे बुलंद होते हैं,
सपने उनके पूरे होते हैं, जिनके हौसले मजबूत होते हैं।”
आज ऋग श्रीवास्तव की सफलता हर उस छात्र के लिए एक संदेश है, जो मेहनत कर रहा है—कि अगर लगन सच्ची हो, तो सफलता निश्चित है।

यह सिर्फ एक परिवार की जीत नहीं, बल्कि पूरे बस्ती जनपद के लिए गर्व का पल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!