संत कबीर नगर 16 मई 2025, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने इच्छुक उद्यमियों को सूचित किया है कि तकनीकी उन्नयन योजना (टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन) जिसमें दो श्रेणियों के उद्योगों- सूक्ष्म उद्योगों एवं लघु उद्योगों में तीन वर्ष या इससे अधिक वर्षों से संचालित इकाईयां जो विनिर्माण क्षेत्र में पुरानी मशीनों को उच्चीकृत तकनीक (विभिन्न क्षेत्रों जैसे उत्पाद गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण सुधार, श्रम सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता गुणवत्ता पैकेजिंग, परीक्षण सुविधाएं आदि) के अपग्रेडेशन हेतु इच्छुक है, जनपद संत कबीर नगर के ऐसे उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन पत्र वेबसाइट https://diupmsme.upsdc.gov.in पर आमंत्रित किये जा रहे है। इस योजनान्तर्गत निम्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएँगी। उन्होंने बताया कि पूंजी उपादान मशीनों के ऊपर व्यय की गयी पूंजी का 50 प्रतिशत या अधिकतम रु० 5.00 लाख तक अनुमन्य, मशीनो के लिए बैंक से लिए गए ऋण पर जो ब्याज दिया होगा उसका 50 प्रतिशत तक या अधिकतम रु० 1.00 लाख प्रति वर्ष उपादान के रूप में देय होगा। यह छूट 5 वर्षों तक दी जाएगी। जिन इकाइयों द्वारा नयी मशीन न क्रय की गयी हो लेकिन उनके द्वारा उत्पाद की प्रक्रिया, प्रबंधन प्रणाली हेतु GI टैग ISO, ZED, ISI, QCI, FSSAI, HACCP, WHO-GMP, INDIA-GMP इत्यादि में सूक्ष्म उद्योग द्वारा लगायी गयी कुल लागत का 75 प्रतिशत अधिकतम सीमा की कैपिंग के साथ देय है। कंसल्टेन्सी की सहायता, मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्राप्त करने पर हुए व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम रु० 1.00 लाख तक देय होगा। ब्रांडिंग करते हुए विकसित ब्रांड के नाम से तीन वर्षों तक विपणन किया हो तो सम्बंधित वर्ष के पूर्ण विपणन का 1 प्रतिशत अधिकतम या रु० 1.00 लाख तक देय होगा एवं बौद्धिक सम्पदा प्रमाणीकरण (आईपीआर) हेतु कुल व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम रु० 2.00 लाख तक देय होगा। उन्होंने बताया कि तकनीकी उन्नयन योजना (टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन) योजना से सम्बंधित अन्य किसी जानकारी अथवा सहायता हेतु किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, मुखलिसपुर रोड औद्योगिक अस्थान खलीलाबाद, संत कबीर नगर में संपर्क कर सकते है।
