कुंडी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर एवं एसपी मेमोरियल एकेडमी मे गूंजा देशभक्ति का जयघोष, एवं प्रधानाचार्य ने फहराया तिरंगा
संत कबीर नगर
79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुंडी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर एवं एसपी मेमोरियल एकेडमी में तिरंगे की शान और देशभक्ति की गूंज सुनाई दी। मुख्य अतिथि रामानन्द तिवारी कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए ध्वजारोहण किया और झंडे को सलामी दी। महापुरुषों एवं माता सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित दी गई।
रामानन्द तिवारी आप सबके बीच मुख्य अतिथि के रूप में आप सबके सामने खड़ा हूं ।
लेकिन एक नागरिक के रूप में मेरा मानना है की आजादी का मतलब सिर्फ खुले आसमान में सांस लेना नहीं
बल्कि यह एक जिम्मेदारी है।
इसलिए आज इस मंच से मैं युवाओं विद्यार्थियों और समाज के हर जिम्मेदार नागरिक से एक विनम्र अपील करता हूं। कि हम सब मिलकर देश को और बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं चाहे वह किसी जरूरतमंद की मदद करना हो । ईमानदारी से अपना काम करना हो ।या दूसरों को जागरूकता करना हो । हर छोटा कदम एक बदलाव ला सकता है । हम सब मिलकर एक मजबूत भारत बनाएं
जहां जाते हैं वहां छा जाते हैं। हर दिल को भा जाते हैं।।
हम जो कहते हैं वह निभाते हैं । हम हर काम में नंबर वन आते हैं
शेरों के बेटे शेर ही जाने जाते हैं। करोड़ों में फौजी अलग ही पहचाने जाते हैं।।
मैं वह चिराग हूं जो तूफानों से चलता हूं। अपने वतन खातिर सीना तान के चलता हूं। और मुझे क्या मारेंगे मेरे दुश्मन मैं बसा के सीने में हिंदुस्तान को चलता हूं।।
ना कोई दर्द ना कोई आराम है मेरी जिंदगी देश के नाम है।
चांद मे आग हो तो सूरज कि क्या जरूरत । इंसानियत दिल में हो तो नफरत की क्या जरूरत।
पानी ना हो तो नदियां किस काम की। आंसू ना हो तो आंखें किस काम की।। दिल ना हो तो धड़कन किस काम की।
इसके प्रधानाचार्य रमेश राय, कुंडी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मंदिर एवं एसपी मेमोरियल एकेडमी के प्रधानाचार्य संतोष पांडे,व दिग्विजय नाथ शुक्ला, टीचर विश्वजीत,शिवेंद्र, एवं इत्यादि महानुभाव लोगों को सम्मानित किया गया और सब लोगों ने ध्वजारोहण कर देश की एकता व अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
और सभी लोगों ने तिरंगा फहराया और स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामानन्द तिवारी एवं डाक्टर पासवान गोरखपुर स्कूली बच्चों के लीडर हरी नन्द तिवारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
“तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और हमारे पूर्वजों के बलिदान का प्रतीक है। हम सभी का कर्तव्य है कि इसकी शान और देश की अखंडता को सदैव बनाए रखें।
देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जयघोषों के साथ बच्चों ने आज़ादी के रंगो में रंग नज़र आए।
