राजनीतिक लोगों के आपसी बैर के कारण गांव में भय का माहौल व्याप्त है
संत कबीर नगर, गांव के जिम्मेदार नागरिकों से निवेदन है शांति बनवाने की कृपा करें, क्योंकि गांव में राजनीतिक अनुभव आपसे ज्यादा किसी के पास नहीं है और ना ही निष्पक्ष। बच्चों के राजनीति करने के कारण आज नारंग पट्टी की जो दुर्दशा है वह ऐसी पहले कभी नहीं थी। सरेआम मारपीट की घटनाएं नवयुवकों में चिंता का विषय है, क्योंकि यही लोग गांव का नेतृत्व संभाले हुए बैठे हैं। चुनाव का समय आया हुआ है, तरह-तरह के नाटक किए जा रहे हैं। कभी एक होते हैं, कभी झगड़ा करते हैं और भय में रहता है पूरा समाज। कोई अगर मारपीट कर रहा है तो उसको छेड़खानी में फंसवा देना, कोई अगर नाली का भी बात कर लिया उसको चौकी पर जाकर सुलह समझौता करवाना, नारंगपट्टी ग्रामसभा में राजनीति बच्चों का खेल बन गई है, हमारे गांव की राजनीति परम स्वास्थ्य वादी हो चुकी है, सभी पैसा कमाने के चक्कर में मरे जा रहे हैं। इस झगड़े का बेहतरीन फायदा कुछ युवा वर्ग के तथाकथित नेता जो सिर्फ चुनाव के समय जनहित के कार्य का रोना रोते हैं, चुनाव खत्म हो जाने के बाद उनका किसी से कोई लेना-देना नहीं रहता, वह अपने निजी स्वार्थी में लगे रहते हैं। झगड़ों का लाभ उठाते हैं ऐसे में नारंग पट्टी ग्राम सभा को एक अनुभवी और एक कुशल प्रशासक की आवश्यकता है। अगल-बगल के गांव के लोग बुजुर्गों की इज्जत किया करते थे, अच्छे लोगों की आज भी करते हैं, लेकिन चंद स्वार्थी राजनीति के लोगों के कारण जिनको अभी राजनीति की परिभाषा भी नहीं मालूम, पूरे गांव का नेतृत्व संभाले अगुवा बने बैठे कुछ अगवा बनने की फिराक में हैं जिनका कई बार गांव वालों ने परीक्षण भी किया लेकिन आजकल जातिवाद हावी होने के कारण लोग भ्रमित हैं
