बस्ती – स्थित पंडरिया दत्तू चौराहा में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर ग्राम प्रधान शिवेन्द्र चौधरी और शिक्षकों ने मिलकर कार्यक्रम का आयोजन किया। जयंती समारोह के दौरान सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में एक सामान्य कृषक परिवार में हुआ था। उनकी प्रतिभा असाधारण थी। उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा स्वयं प्राप्त की और 1897 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 1900 में उन्होंने जिला पाली दर अधिवक्ता परीक्षा पास कर वकालत शुरू की। कुछ समय बाद वे इंग्लैंड गए और मिडिल टेंपल से बैरिस्टर बने। 1913 तक वे एक सफल वकील के रूप में स्थापित हो चुके थे, लेकिन उनका मन समाज सेवा में अधिक लगता था।सरदार पटेल ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्र सेवा के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। बताया जाता है कि उन्होंने कुल 2300 दिन ब्रिटिश कारागारों में बिताए।उनकी नेतृत्व शैली व्यावहारिक, अनुशासित और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित थी। उन्हें भारत के ‘लौह पुरुष’ के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर अमित चौधरी पुजारी चौधरी अलोक चौधरी राजू चौधरी अंकित चौधरी हदयराम चौधरी संजय चौधरी राजकुमार मास्टर दिलीप कुमार एवं समस्त जनता उपस्थित थे
