संत कबीर नगर 01 दिसंबर 2025,
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में निर्वाचन प्रणाली उसकी रीढ़ है। यही वह प्रक्रिया है जिससे जनमत का सम्मान होता है, और सत्ता परिवर्तन या पुनर्नियुक्ति पूरी तरह जनादेश के आधार पर होती है। इसी प्रणाली को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा वृहद मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) समय-समय पर चलाया जाता है। यह न केवल लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। हाल ही में देश के विभिन्न भागों से यह देखने को मिला कि कुछ स्थानों पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा इस पुनरीक्षण कार्यक्रम का विरोध किया गया। प्रश्न यह उठता है कि वे कर्मचारी जिन्हें सरकार समय पर वेतन, भत्ते, डिजिटल साधन और सुरक्षा सुविधा प्रदान कर रही है, वे आखिर इस संवैधानिक प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रहे हैं? क्या यह केवल आंतरिक असंतोष है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश है? गौरतलब है कि बीएलओ का कार्य केवल डेटा एकत्र करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है। अगर कोई कर्मचारी या वर्ग इस कार्य से पीछे हटता है या इसका विरोध करता है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ एक प्रकार की धोखाधड़ी मानी जानी चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह विरोध है कि सुनियोजित विदेशी साजिश का हिस्सा हो सकता है क्योंकि बढ़ती भारतीय वैश्विक साख, मजबूत आर्थिक स्थिति और रणनीतिक कूटनीति कुछ वैश्विक ताकतों के लिए चिंता का कारण बन चुकी है। इन्हीं टैक्टर के इशारे पर देश के भीतर भ्रम फैलाना, संवैधानिक कार्यों में बाधा डालना और शासन की छवि को धोबिन करना उनकी रणनीति का एक हिस्सा हो सकती है। विपक्षी दलों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ चुकी है यदि किसी राष्ट्रीय कार्यक्रम का राजनीतिक लाभ हानि की दृष्टि से विरोध किया जाता है तो यह केवल सट्टा की लड़ाई नहीं बल्कि राष्ट्र हित के साथ सीधा खिलवाड़ है। ऐसे में आवश्यक किया हो जाता है कि सरकार सतर्क रहे और इस तरह के विरोध के पीछे की वास्तविक मानसा की उच्च स्तरीय जांच भी कराए। भारत एक ऐसा देश है जहां पर कई देशों के नागरिक गैर कानूनी रूप से निवास कर रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संतुलन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एसआईआर कार्यक्रम ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने का अवसर भी देता है। यह कोई भेदभावपूर्ण कम नहीं बल्कि देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक कार्य है। भारत सरकार ने यह स्पष्ट भी किया है कि जो कर्मचारी इस कार्य को ईमानदारी से पूरा करते हैं उन्हें प्रशस्ति पत्र पुरस्कार और विशेष प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाएगा, यदि कुछ समूह या व्यक्ति विरोध की राह पकड़ते हैं तो यह निश्चित तौर पर भारत विरोधी मानसिकता या विदेशी प्रेरित मानसिकता का हिस्सा मानी जाएगी। भारत की लोकतांत्रिक परंपरा इतनी सशक्त है कि किसी भी साजिश को सफल करने में सक्षम है। सरकार सतर्क है, राष्ट्रवादी शक्तियां सजग हैं, और आम नागरिक जागरुक है। देश हित एवं राष्ट्र हित के कार्यों में सरकार के अच्छे कामों का समर्थन जरूर करना चाहिए क्षणिक लाभ के लिए आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को खराब नहीं करना चाहिए ना तो उनके भविष्य से खिलवाड़ करना चाहिए। एसआईआर भारतवर्ष के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, सरकार की इस प्रक्रिया में समस्त भारतवासियों को सहयोग करना चाहिए।
