रुधौली। बजाज चीनी मिल के गेट एवं केंद्र क्षेत्र में इकाई प्रमुख डॉ. जेपी त्रिपाठी ने गन्ना बुवाई वाले कई प्लाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बढ़ते तापमान के कारण गन्ना फसल पर कीट एवं रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि गेहूं और सरसों की कटाई के बाद कीट गन्ने की फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे चोटी भेदक, तनाभेदक, सफेद तितली और टिड्डा-टिड्डी का प्रभाव फसल पर देखा जा रहा है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों को जागरूक करते हुए इकाई प्रमुख ने कहा कि बचाव के लिए कोराजन, बटाको, चक्रव्यूह, क्लोरोपाइरीफॉस एवं एनपीके जैसी दवाएं चीनी मिल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार फील्ड सुपरवाइजर या चीनी मिल गेट से दवा प्राप्त कर सकते हैं।
सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने किसानों से अपील की कि वे सुबह-शाम अपने खेतों का निरीक्षण करें। कहीं भी कीट या रोग का प्रकोप दिखने पर तुरंत फील्ड सुपरवाइजर या मिल अधिकारियों से संपर्क कर उचित उपचार करें।
उन्होंने कहा कि चीनी मिल द्वारा गांव-गांव कृषक गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को सिंचाई, गुड़ाई-निराई एवं फसल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बढ़ते तापमान को देखते हुए समय-समय पर सिंचाई करें और जंगली जानवरों से फसल बचाव के लिए उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
साथ ही किसानों से अधिक क्षेत्रफल में अगेती प्रजाति के गन्ने की बुवाई करने की अपील की गई। चीनी मिल द्वारा किसानों को गन्ना बीज भी लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।
