

बस्ती। थाना वाल्टरगंज क्षेत्र के ग्राम बडकुईंया में ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग व अंडरग्राउंड नाली निर्माण कार्य को लेकर किया गया विरोध आखिरकार पुलिस जांच में फेल हो गया। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की जांच आख्या में साफ कहा गया है कि ग्राम प्रधान सार्वजनिक हित में जल निकासी और सड़क निर्माण का कार्य करा रहे हैं, जबकि कुछ लोग काम रुकवाने में जुटे हैं।
जांच के दौरान मौके पर पुराना खड़ंजा मिला और यह भी सामने आया कि गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या है। इसके समाधान के लिए ग्राम प्रधान द्वारा अंडरग्राउंड नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन विवादित स्थल के दोनों तरफ मकान होने के कारण राहुल और साहुल नामक व्यक्तियों द्वारा निर्माण कार्य में लगातार बाधा डाली जा रही थी।
पुलिस जांच में ग्रामीणों ने भी साफ बताया कि यह रास्ता वर्षों पुराना सार्वजनिक मार्ग है और डीह आबादी की भूमि में स्थित है। इसके बावजूद विकास कार्य रोकने की कोशिश से गांव में नाराजगी देखी जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर जब गांव में पानी सड़क पर बह रहा था तब विरोध करने वाले लोग चुप क्यों थे?
थाना वाल्टरगंज पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही हो चुकी है।
अब गांव में चर्चा इस बात की है कि आखिर विकास कार्य में रोड़ा अटकाने के पीछे मंशा क्या है — निजी विवाद या फिर पंचायत राजनीति?
