अधिकारी की जांच में खोट रिपोट प्रेषित को कर रहे हीलाहवाली,हफ़्ते बाद भी नहीं सौंपी आख्या
-सुविधा शुल्क के इंतजार में रिपोर्ट दबाकर बैठे जांच अधिकार नही प्रेषित की रिपोट
-नरहरपुर में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में वित्तीय अनियमितता का खेल उजागर
बस्ती/कप्तानगंज……विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट करने वाले कथित जिम्मेदारों की कलई अब पूरी तरह खुलती नजर आ रही है। कप्तानगंज विकास खंड के ग्राम पंचायत नरहरपुर में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई कार्य में हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला गरमाता जा रहा है। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
प्राप्त समाचार के अनुसार डीसी मनरेगा बस्ती ने नरहरपुर ग्राम पंचायत में पानी भरे तालाब पर लगी फर्जी हाजिरी मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में पत्र जारी कर बीडीओ कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था। इसके बाद बीडीओ कप्तानगंज ने आनन-फानन में जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर नरहरपुर तालाब खुदाई कार्य की जांच तो करवा ली, किंतु एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जांच अधिकारी द्वारा अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित नहीं की गई है। या यू कहे सुबिधा शुल्क के इंतजार में जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है । मीडिया टीम से बातचीत के दौरान जांच अधिकारी ने कहा कि”आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा”, की बात कही । जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं । अब देखना होगा कि बीडीओ चंद्रभान उपाध्याय के सर पर भ्रष्टाचार का तमगा यू ही लगा रहेगा या सेवा के अंतिम पड़ाव में कांपते हाथों से भ्रष्टाचार की फाइल जीरो कर नेक कार्य कर पाएंगें ।
