हर व्यक्ति का संकल्प अलग होता है, लेकिन कुछ संकल्प ऐसे होते हैं जो समाज के प्रति समर्पण और न्याय के लिए अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण बन जाते हैं।
विश्व हिंदू जन कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामानन्द तिवारी ने ऐसा ही एक अनोखा संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे चाय और कॉफी का सेवन नहीं करेंगे।
रामानन्द तिवारी ने बताया कि जिस दिन से यह घटना हुई, उसी दिन से उन्होंने चाय और कॉफी पीना पूरी तरह छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि वे पहले चाय–कॉफी के बेहद शौकीन थे। मौसम कोई भी हो—गर्मी, सर्दी या बरसात—वे प्रतिदिन लगभग 12 से 15 कप चाय पीते थे। यदि चाय न मिलती, तो उन्हें सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि जब वे बिहार में भरत तिवारी के घर पहुंचे और उनके परिवार की ईमानदारी, सादगी तथा सच्चाई को करीब से देखा, तो वे भावुक हो गए। उसी समय उन्होंने यह दृढ़ संकल्प लिया कि भरत तिवारी को न्याय मिलने तक वे चाय और कॉफी का सेवन नहीं करेंगे।
रामानन्द तिवारी का यह संकल्प न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और पीड़ित परिवार के प्रति उनके समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।
