अपर जिलाधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आपातकालीन संकट की स्थिति ब्लैकआउट के दौरान मा्क ड्रिल अभ्यास संपन्न_________

अपर जिलाधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आपातकालीन संकट की स्थिति ब्लैकआउट के दौरान मा्क ड्रिल अभ्यास संपन्न_________

संत कबीर नगर 07 मई 2025, जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जनपद के हीरालाल इण्टर कॉलेज के प्रांगण में युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन/संकट की स्थिति/ब्लैक आउट के दौरान/से निपटने के लिए आपदा विशेषज्ञयों सहित मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड एवं अन्य सम्बंधित संसाधनों के साथ लाइव मॉक ड्रिल/बचाव का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारी/आपदा विशेषज्ञ द्वारा उपस्थित छात्र/छात्रों, एन0सी0सी0 कैडेड एवं आम नागरिकों को युद्व जैसे भयावय स्थिति/संकट के समय ‘‘क्या करे या क्या न करें’’ के बारे में विस्तृृृत जानकारी दी गयी। बताया गया कि युद्ध की स्थिति से पहले ‘‘क्या करें और क्या ना करें’’ (Do’s and Don’ts) की स्पष्ट गाइडलाइन्स जानना बहुत ज़रूरी होता है ताकि आप और आपके परिजन सुरक्षित रह सकें। युद्ध अथवा संकट की घड़ी में क्या करें (Do’s) से सम्बंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि जरूरी दस्तावेज़ (आधार, पहचान पत्र, ज़मीन कागज़, बैंक डिटेल) को एक बैग में रखें। घर में प्राथमिक चिकित्सा किट, सूखा राशन, पानी, टॉर्च, बैटरियाँ और नकद पैसे रखें। मोबाइल फोन और पावर बैंक चार्ज रखें। रेडियो या सरकारी समाचार स्रोत से स्थिति की जानकारी लेते रहें। नजदीकी शरण स्थल (shelter) या बंकर की जानकारी पहले से रखें। बच्चों, बुजुर्गों और विकलांगों के लिए विशेष योजना बनाएं। सभी को एक आपातकालीन योजना (Emergency Plan) के बारे में बताएं। अगर संभव हो तो सुरक्षित क्षेत्र की ओर प्रस्थान करें। घर में मजबूत दीवारों के पास या नीचे शरण लें। यदि निकासी (evacuation) का आदेश हो तो तुरंत पालन करें। जानकारी दिये जाने के दौरान यह भी बताया गया कि युद्ध अथवा संकट काल की घड़ी में हम क्या ना करें जैसे अफवाहों पर विश्वास न करें, सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिली खबरों को सत्य माने बिना न फैलाएं। बिना योजना के बाहर न निकलें, बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। केवल ज़रूरत पड़ने पर और सुरक्षा सुनिश्चित करके ही जाएं। ध्यान भटकाने वाले काम न करें, युद्ध की स्थिति में अनुशासन बहुत जरूरी है। लापरवाही जानलेवा हो सकती है। हथियार या संदिग्ध वस्तु छूने से बचें, किसी भी विस्फोटक या संदिग्ध. वस्तु को न छुए, तुरंत प्रशासन को सूचित करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें, खुले बाज़ार या स्टेशन जैसे क्षेत्रों में रहने से खतरे की सम्भावना बढ़ जाती है अतः ऐसे स्थिति में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद शैलेश कुमार दूबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर अजीत चौहान, आपदा विशेषज्ञ, आपदा मित्र, एन0सी0सी0 कैडेड, छात्र/छात्राएं, सहित सम्बंधित अधिकारी एवं शिक्षकगण आदि उपस्थित रहे।

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